लोकतांत्रिक अधिकार अतिलघु उत्तरीय प्रश्न और लघु उत्तरीय प्रश्न अध्याय 12 | Bihar Board Class IX Politcal Science Chapter 12 democratic rights

 

 लोकतांत्रिक अधिकार अतिलघु उत्तरीय प्रश्न और लघु उत्तरीय प्रश्न |  Bihar Board Class IX Politcal Science Chapter 12 democratic rights 

लोकतांत्रिक अधिकार अतिलघु उत्तरीय प्रश्न और लघु उत्तरीय प्रश्न |  Bihar Board Class IX Politcal Science Chapter 12 democratic rights








लोकतांत्रिक अधिकार अतिलघु उत्तरीय प्रश्न


1. मौलिक अधिकार से आप क्या समझते हैं ? 
उत्तर- वैसे अधिकारों को मूल अधिकार या मौलिक अधिकार कहा जाता है जो भारतीय संविधान द्वारा नागरिकों को प्रदान किए जाते हैं। इस प्रकार के अधिकारों की संविधान में स्पष्ट व्याख्या की जाती है तथा इनकी रक्षा के लिए संविधान द्वारा ठोस उपाय किए जाते हैं। 



2. अधिकार किसे कहते हैं ?
अथवा, नागरिक अधिकार से आप क्या समझते हैं ? 
उत्तर- अधिकार मानवजीवन की ऐसी जायज माँगें हैं, जो उनके जीवन-यापन के लिए एक अनिवार्य शर्त हैं। ऐसी माँगें समाज या राज्य द्वारा स्वीकृत होनी चाहिए। इस प्रकार के अधिकार को ही नागरिक अधिकार की संज्ञा दी जाती है।



3. प्राथमिक शिक्षा के अधिकार में क्या प्रावधान किया गया है? 
उत्तर- प्राथमिक शिक्षा के अधिकार में मुफ्त अनिवार्य शिक्षा का प्रावधान किया गया है। 


4. मौलिक अधिकारों की रक्षा का उत्तरदायित्व किस पर सौंपा गया है ? 
उत्तर- सर्वोच्च न्यायालय तथा उच्च न्यायालय। 


5. 'सूचना का अधिकार' का क्या अर्थ होता है ? 
अथवा, सूचना का अधिकार' किसे कहते हैं ? 
अथवा, 'सूचना का अधिकार' क्या है ? 
उत्तर- सूचना का अधिकार एक महत्त्वपूर्ण लोकतांत्रिक अधिकार है। इस अधिकार के अंतर्गत यह प्रावधान किया गया है कि कोई भी भारतीय नागरिक सरकारी कार्यालय से सरकारी आदेशों की प्रति एक निश्चित रकम अदा कर प्राप्त कर सकता है। यदि सरकारी कर्मचारी इस प्रकार के आलेखों या आदेशों की प्रति नहीं देते हैं, अथवा आनाकानी करते हैं तो उनके विरुद्ध भी कानून के अनुसार कार्रवाई की जा सकती है।



लोकतांत्रिक अधिकार लघु उत्तरीय प्रश्न



1. भारतीय नागरिक के किन्हीं चार समता के अधिकारों का उल्लेख करें। 
उत्तर- समता के चार अधिकार निम्नलिखित हैं
(i) अवसर की समानता — भारत में लोक सेवकों की भर्ती में किसी भी नागरिक के साथ भेदभाव नहीं किया जा सकता।
(ii) कानूनी समानता – कानून की नजर में सभी नागरिक एक समान महत्त्व रखते हैं। 
(iii) सामाजिक समता- जाति, भाषा, क्षेत्र, लिंग, निवास स्थान इत्यादि के आधार पर नागरिकों के बीच विभेद नहीं किया गया है।
(iv) अस्पृश्यता का निवारण – भारत में समानता के अधिकार के अंतर्गत छुआछूत, जात-पाँत इत्यादि का कानूनी ढंग से अंत कर दिया गया है।


2. भारतीय नागरिक के किन्हीं तीन प्रकार के स्वतंत्रता के अधिकार का वर्णन करें। 
उत्तर- भारतीय नागरिकों के स्वतंत्रता के तीन अधिकार निम्नलिखित हैं
(i) अपने विचारों को भाषण अथवा अन्य विधियों द्वारा अभिव्यक्त करने की स्वतंत्रता 
(ii) भारत में कहीं भी निवास करने की स्वतंत्रता
(iii) कोई भी मनपसंद धंधा, व्यापार अथवा रोजगार करने की स्वतंत्रता



3. एक भारतीय नागरिक के धार्मिक अधिकारों का उल्लेख करें।
उत्तर- धर्म भी मनुष्य के व्यक्तित्व के विकास के लिए एक आवश्यक तत्त्व है। प्रत्येक व्यक्ति को अपने ढंग से किसी धर्म में विश्वास करने तथा किसी धर्म को मानने या उसका प्रचार करने का अधिकार होना चाहिए। लगभग सभी लोकतंत्रात्मक देशों में मनुष्य को धार्मिक स्वतंत्रता का अधिकार प्राप्त है।


4. संविधान में मौलिक अधिकारों की रक्षा के लिए क्या प्रावधान है।
उत्तर- भारत में नागरिकों को यह अधिकार प्रदान किया गया है कि मौलिक अधिकारों के अतिक्रमण की अवस्था में वे उच्च न्यायालय या सर्वोच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटा सकते हैं। मौलिक अधिकारों की रक्षा का विशेष भार भारतीय सर्वोच्च न्यायालय को दिया गया है।


5. किन अवस्थाओं में मौलिक अधिकार स्थगित किए जा सकते हैं ? 
उत्तर- मौलिक अधिकारों पर अंकुश भी लगे हुए हैं। संकटकाल में आवश्यकता पड़ने पर नागरिकों के मौलिक अधिकार कम किए जा सकते हैं। इसी कारण कहा जाता है कि मौलिक अधिकार एक हाथ से दिए जाते हैं और दूसरे हाथ से छीन लिए जाते हैं। संसद संविधान में संशोधन लाकर भी नागरिकों के मौलिक अधिकार को सीमित तथा स्थगित कर सकती है। नजरबंदी कानून तथा आंतरिक सुरक्षा अनुसंरक्षक कानून (मीसा) के अंतर्गत किसी व्यक्ति को बिना मुकदमा चलाए ही गिरफ्तार किया जा सकता था। 27 जुलाई 1978 को आंतरिक सुरक्षा अनुसंरक्षक कानून (मीसा) समाप्त कर दिया गया। इसकी जगह पर राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम पारित किया गया है। पंजाब की घटनाओं के बाद अगस्त 1984 में इस अधिनियम को भी संशोधित कर सशक्त बनाया गया है। मौलिक अधिकारों के स्थगन की व्यवस्था के बावजूद मौलिक अधिकारों को संविधान का प्राण माना जाता है।


6. संविधान में वर्णित किसी एक मौलिक अधिकार का वर्णन करें।
उत्तर- संविधान में वर्णित एक मौलिक अधिकार स्वतंत्रता का अधिकार भी है। नागरिकों को उत्तरछह तरह की स्वतंत्रताएँ दी गई हैं – 
(i) भाषण तथा विचार व्यक्त करने की स्वतंत्रता 
(ii) शांतिपूर्वक, बिना हथियार के जमा होने की स्वतंत्रता 
(iii) संघ बनाने की स्वतंत्रता 
(iv) संपूर्ण ' देश में घूमने की स्वतंत्रता 
(v) देश के किसी भी हिस्से में बस जाने की स्वतंत्रता एवं 
(vi) पेशे या कारोबार की स्वतंत्रता । 1 सितम्बर 1989 को सर्वोच्च न्यायालय ने अपने फैसले में फुटपाथ पर व्यापार को भी मौलिक अधिकार माना है। 
इन स्वतंत्रताओं के अतिरिक्त नागरिकों को निम्नलिखित स्वतंत्रता के अधिकार प्रदान किए गए हैं। (i) किसी व्यक्ति को अपराध के लिए तब तक दंड नहीं दिया जा सकता जब तक कि उसने किसी कानून का उल्लंघन नहीं किया हो।
(ii) किसी भी व्यक्ति के जीवन और वैयक्तिक स्वतंत्रता को कानून द्वारा स्थापित प्रक्रिया के अलावा अन्य प्रकार से वंचित नहीं किया जा सकता।
(iii) किसी भी व्यक्ति को कारण बताए बिना गिरफ्तार नहीं किया जा सकता। किसी भी व्यक्ति को गिरफ्तार होने के समय से 24 घंटे के अंदर किसी मजिस्ट्रेट के सामने उपस्थित करना होगा। उसकी अनुमति के बाद ही 24 घंटे से अधिक समय के लिए व्यक्ति को हवालात में रखा जा सकता है।
Previous Post Next Post